संस्थापक की कलम से...

दिव्य प्रेरणा और सामाजिक कृतज्ञता की एक यात्रा

हर मनुष्य के जीवन का एक ही परम लक्ष्य है—शाश्वत आनंद की प्राप्ति। मेरे जीवन का यह परम सौभाग्य रहा कि मुझे परम पूज्य जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के अनन्य प्रचारक, श्रद्धेय डॉ. स्वामी युगल शरण जी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। स्वामी जी की दिव्य प्रेरणा और कुशल मार्गदर्शन के माध्यम से ही मेरे हृदय में श्री महाराज जी के अनमोल सिद्धांतों के प्रति अगाध प्रेम और निष्काम भक्ति का भाव जागृत हुआ, जिसने मेरे जीवन की दिशा ही बदल दी।

Shri Shyam Bhanuja Mandir Entrance Gate

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में, ईश्वर ने मुझे व्यावसायिक योग्यता तो दी, लेकिन महाराज जी के दर्शन ने मुझे जीवन का वास्तविक मूल्य और सेवा का महत्व सिखाया। इसी दिव्य भाव से प्रेरित होकर, अपनी जन्मभूमि के सामाजिक और आध्यात्मिक ऋण को चुकाने के लिए, मैंने 'तुर्की ब्राह्मण टोली धाम, मीनापुर, मुजफ्फरपुर' की इस पवित्र धरा पर इस परिसर के निर्माण का संकल्प लिया।

'श्री श्याम भानुजा मंदिर' के रूप में स्थापित यह पावन धाम केवल उपासना का स्थल नहीं, बल्कि एक विचार है। यहाँ स्थापित राधा-कृष्ण और शिव परिवार के विग्रह जहाँ हमारी आत्मा को 'रूपध्यान' और संकीर्तन के माध्यम से भक्ति का मार्ग दिखाएंगे, वहीं सत्संग हॉल हमारे विचारों को शुद्ध करेगा। इसके साथ ही, यहाँ का शिक्षा केंद्र हमारे क्षेत्र के युवाओं को व्यावसायिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज का गौरव बढ़ा सकें।

इस पावन पुनीत कार्य की पूर्णता पर, मैं अपने पूज्य माता-पिता के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए अपनी परम कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। उनके द्वारा दिए गए उत्तम संस्कार, असीम आशीर्वाद और निश्छल प्रेरणा के बिना जीवन के इस सर्वोच्च संकल्प को साकार करना कदापि संभव नहीं था। यह मंदिर उन्हीं के आशीर्वाद का साक्षात् स्वरूप है।

मेरी ठाकुर जी और श्री महाराज जी के चरणों में यही प्रार्थना है कि हमारा यह 'श्री श्याम भानुजा मंदिर परिसर' ज्ञान, भक्ति और निःस्वार्थ सेवा का एक अमर और जीवंत केंद्र बने।


विनीत : सतीश कुमार झा

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

एवं संस्थापक श्री श्याम भानुजा मंदिर

तुर्की ब्राह्मण टोली धाम, मीनापुर, मुजफ्फरपुर, बिहार