आध्यात्मिक गतिविधियां

कीर्तन, ध्यान और सेवा के माध्यम से स्वयं को भक्ति में लीन करें

भक्ति का मार्ग

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की शिक्षाओं के अनुसार, सच्ची आध्यात्मिक उन्नति ईश्वर के निरंतर प्रेमपूर्ण स्मरण से प्राप्त होती है। भक्ति रस सेवा कुंज में, हमारी दैनिक और साप्ताहिक गतिविधियाँ इस प्रकार संरचित हैं कि वे भक्तों को उनके दैनिक जीवन के बीच इस आंतरिक भक्ति को विकसित करने में सहायता कर सकें।

मुख्य भक्ति अभ्यास

📿

संकीर्तन (नाम जप)

राधा-कृष्ण के दिव्य नामों, लीलाओं और गुणों का गायन। यह मन को शुद्ध करता है और आध्यात्मिक प्रेम जाग्रत करता है।

🧘

रूप ध्यान (स्मरण)

नाम जप के साथ-साथ भगवान के दिव्य रूप का ध्यान करने का अभ्यास। यह सभी आध्यात्मिक अभ्यासों का सार है।

🪔

आरती और भोग

गहरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान को प्रकाश, धूप और शुद्ध भोजन का दैनिक अर्पण।

📖

प्रवचन (सत्संग)

सच्चा दार्शनिक ज्ञान (तत्व ज्ञान) प्राप्त करने के लिए श्री कृपालु जी महाराज के रिकॉर्ड किए गए वीडियो प्रवचन सुनना।

मंदिर की दैनिक दिनचर्या

समय गतिविधि
06:00 AM मंगला आरती और प्रातः कीर्तन
08:00 AM प्रवचन (आध्यात्मिक संदेश)
12:00 PM राजभोग आरती और मंदिर विश्राम
04:00 PM मंदिर दर्शन और सांध्य कीर्तन
07:00 PM संध्या आरती और रूप ध्यान
08:30 PM शयन आरती (विश्राम)

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राधाष्टमी, जन्माष्टमी और होली जैसे विशेष महोत्सवों में हमारे साथ शामिल हों।

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